सावन की दस्तक: अबकी बार राम मंदिर से भी रामलला जाएंगे मणि पर्वत
राउंड द क्लाक निगरानी के लिए खुलेगा कंट्रोल रूम
अयोध्या। आषाढ़ माह के समापन की ओर बढ़ने के साथ सावन माह ने दस्तक देने शुरू कर दी है। इसी माह रामनगरी का ऐतिहासिक सावन झूला मेला आयोजित होगा। मेले में रामनगरी भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर रहेगी। सावन मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां को अंतिम रूप देने की कवायद शुरू कर दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए खाका तैयार किया गया है।
अबकी राममंदिर से भी निकलेगी भगवान श्रीराम की पालकी
इस वर्ष सावन मेले का सबसे बड़ा आकर्षण पहली बार राम मंदिर से निकलने वाली झूलनोत्सव शोभा यात्रा होगी। अन्य मंदिरों की तरह राम मंदिर से भी भगवान श्रीराम की पालकी झूला झूलने के लिए पारंपरिक रूप से मणि पर्वत जाएगी। मणि पर्वत पहुंचने के बाद भगवान श्रीराम झूला उत्सव में विराजमान होंगे। इस नई परंपरा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है और बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
एटीएस, एसटीएफ और 12 कंपनी पीएसी संभालेगी सुरक्षा
30 जुलाई से श्रावण माह शुरू हो रहा है। माह में 3,10, 17, 24 अगस्त को सावन का सोमवार पड़ेगा तथा 26 को त्रयोदशी और 28 को रक्षाबंधन/पूर्णिमा स्नान होगा। इस अवसर पर भारी भीड़ की संभावना है। अम्बेडकरनगर, गोंडा, बस्ती, बाराबंकी समेत कई जिलों से कांवड़िये सरयू स्नान और नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए आएंगे। इसके लिए घाट, नागेश्वर,हनुमान मंदिर,कनक भवन समेत अलग-अलग जोन बनाए गए हैं। राउंड द क्लाक निगरानी के लिए राम की पैड़ी स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में केंद्रीय मेला नियंत्रण कक्ष बनाया जा रहा है, जहां तीन शिफ्ट में अधिकारी तैनात रहेंगे।
सावन मेले की सुरक्षा व्यवस्था इस बार और अधिक मजबूत रहेगी। एटीएस, एसटीएफ और अतिरिक्त 12 कंपनी पीएसी की तैनाती की जाएगी। भीड़भाड़ वाले दिनों में सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
सरयू में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सरयू नदी में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस तैनात रहेगी। साथ ही सुरक्षित स्नान क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए फ्लोटिंग बैरियर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालु प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें।
अधिकारियों ने किया तैयारियों का निरीक्षण
मंडलायुक्त राजेश कुमार, डीआईजी सोमेन वर्मा और जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने गुरुवार को राम की पैड़ी और नया घाट क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को सभी कार्य समय पर पूरा करने और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।
तीसरे और अंतिम सावन सोमवार के लिए विशेष योजना
प्रशासन ने तीसरे और अंतिम सावन सोमवार को संभावित भारी भीड़ को देखते हुए कांवड़ यात्रा का रूट अंतिम रूप दे दिया है। भीड़ वाले दिनों में ट्रैफिक को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन भी लागू रहेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं का रखा गया विशेष ध्यान
मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त शौचालय बनाए जा रहे हैं। महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम की संख्या भी बढ़ाई गई है। इसके अलावा पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था की जा रही है।
कांवड़ यात्रा को भी लेकर किए जा रहे विशेष इंतजाम
श्रावण माह में शिवभक्त विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे।इसके पूर्व सरयू स्नान और जल हासिल करने के लिए कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। कांवड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कांवड़ मार्ग को समतल किया जा रहा है। बारिश के दौरान फिसलन से बचाव के लिए प्रमुख मार्गों पर बालू डाली जाएगी,जबकि मंदिरों के आसपास जूट मैटिंग बिछाने की योजना बनाई गई है।
